नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में कई बड़े फैसले, सड़क, हरियाली और रियल एस्टेट से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण, रियल एस्टेट, औद्योगिक विकास और नागरिक सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सड़क निर्माण और उसकी गुणवत्ता व सुरक्षा, सेक्टर-8 की नर्सरी के आधुनिकीकरण, सहकारी आवासीय समितियों के फ्लैट खरीदारों को राहत और कंपनियों की विकास कार्यों में भागीदारी बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों पर सहमति बनी।
सड़क निर्माण और सुरक्षा पर जोर
बोर्ड बैठक में सड़क से जुड़े कार्यों के साथ उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। प्राधिकरण की ओर से सड़क परियोजनाओं में बेहतर निगरानी और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है। इससे शहर में आवागमन को सुरक्षित बनाने और सड़क संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
सेक्टर-8 की नर्सरी को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
सेक्टर-8 में करीब एक एकड़ क्षेत्र में संचालित नर्सरी के विकास का प्रस्ताव भी बोर्ड ने मंजूर किया। इसे आधुनिक और व्यवस्थित सुविधा के रूप में विकसित करने की योजना है।
इसके संचालन और रखरखाव के लिए Build-up, Operation and Maintenance (BOM) मॉडल अपनाया जाएगा। एजेंसी का चयन EOI/RFP प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
प्रस्तावित योजना के तहत नर्सरी को विभिन्न प्रकार के पौधों की उपलब्धता वाली आधुनिक और आत्मनिर्भर सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे शहर में हरियाली बढ़ाने के साथ नागरिकों को पौधों से जुड़ी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
सहकारी समितियों के फ्लैट खरीदारों को राहत की उम्मीद
सहकारी आवासीय समितियों द्वारा विकसित ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में फ्लैट खरीदने वाले Subsequent Members के लिए भी बोर्ड ने अहम निर्णय लिया।
निर्धारित दस्तावेज, आधार, ब्लॉक संबंधी विवरण, प्रमाण-पत्र और समिति के वर्तमान कार्यकारिणी सदस्यों की NOC के आधार पर वित्तीय उप-पट्टे की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है।
इस फैसले से उन फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और स्वामित्व संबंधी मामले लंबे समय से लंबित हैं। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद रजिस्ट्री और अन्य लंबित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता आसान हो सकता है।
विकास कार्यों में कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी
बोर्ड बैठक में नोएडा के विकास में औद्योगिक एवं कॉरपोरेट क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। प्राधिकरण ने कंपनियों को विकास कार्यों में सहयोग और योगदान के लिए प्रोत्साहित करने की व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर सहमति दी।
इसके तहत निर्धारित प्रचलित दरों के आधार पर कंपनियों को विकसित आवासीय आबादी भूखंड उपलब्ध कराने से जुड़ी व्यवस्था पर निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य कंपनियों को केवल भूमि संबंधी सुविधा देना नहीं, बल्कि उन्हें नोएडा तथा डीएनजीआईआर यानी न्यू नोएडा के विकास में सहभागी बनाना है।
न्यू नोएडा के विकास में भी कंपनियों की भूमिका
डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) के अलग-अलग चरणों में कंपनियों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि क्रय करने और उसके बाद निर्धारित नीति के अनुसार आबादी भूखंड उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी फैसला लिया गया।
फेज-1 और फेज-2 में भूमि क्रय के बाद 5 प्रतिशत आबादी भूखंड तथा न्यू नोएडा विकास प्राधिकरण के गठन के बाद फेज-3 और फेज-4 में निर्धारित व्यवस्था के तहत 7 प्रतिशत आबादी भूखंड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया।
प्राधिकरण का मानना है कि इससे निजी क्षेत्र को न्यू नोएडा के विकास और भविष्य की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
शहर के समग्र विकास पर रहेगा फोकस
223वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों से नोएडा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ पर्यावरण, नागरिक सुविधाओं और रियल एस्टेट से जुड़े लंबित मामलों को गति देने की दिशा में प्रयास दिखाई देते हैं।
सेक्टर-8 नर्सरी का आधुनिकीकरण, सड़क कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा पर जोर, फ्लैट खरीदारों से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने की व्यवस्था तथा कंपनियों को विकास प्रक्रिया से जोड़ने जैसे फैसलों का असर आने वाले समय में शहर की सुविधाओं और विकास पर दिखाई दे सकता है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बोर्ड के समक्ष कार्यवृत्त प्रस्तुत किया।
बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी, एसीईओ सुनील कुमार सिंह, यीडा के एसीईओ शैलेन्द्र भाटिया, नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर सिंह, एनके सिंह, जीएम एसपी सिंह, ए.के. अरोरा, सहायक महाप्रबंधक शोभा कुशवाहा और संजीव बेदी समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।
रिपोर्ट: News 360°






