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New नोएडा की जमीन खरीद प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, 31 गांवों में कैंप और अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती

नए नोएडा यानी डीएनजीआईआर के विकास के लिए जमीन खरीद प्रक्रिया को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में शामिल 31 गांवों में कैंप लगाकर किसानों से जमीन के दस्तावेज, स्वामित्व और राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जाएगी। सर्वे कार्य में तेजी के लिए पांच अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती की जा रही है।

Kumar

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ADMIN

September 10, 2026
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New नोएडा की जमीन खरीद प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, 31 गांवों में कैंप और अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती
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नए नोएडा की जमीन खरीद प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, 31 गांवों में कैंप और अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती

न्यू नोएडा, 10 सितंबर 2026 डीएनजीआईआर यानी नए नोएडा के विकास की योजना अब जमीन से जुड़ी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। प्रस्तावित क्षेत्र में शामिल गांवों की भूमि की वास्तविक स्थिति और रिकॉर्ड जुटाने के लिए सर्वे का काम तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में पांच अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती की जा रही है, जिससे जमीन के सर्वे और अभिलेखों के सत्यापन में तेजी आने की उम्मीद है।

प्राधिकरण की योजना पहले चरण में शामिल 31 गांवों में कैंप लगाने की है। इन कैंपों के जरिए किसानों और भूमि मालिकों से जमीन से संबंधित दस्तावेज और जरूरी जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही जमीन खरीद की प्रक्रिया, मुआवजे और आबादी भूखंड से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी उपलब्ध कराने की तैयारी है।

31 गांवों में पहुंचेंगे अधिकारी

नए नोएडा के पहले चरण में आने वाले 31 गांवों में प्राधिकरण और राजस्व विभाग की टीमें कैंप लगाएंगी। यहां किसानों से उनकी भूमि के स्वामित्व, क्षेत्रफल और राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी ली जाएगी।

सर्वे के दौरान यह भी पता किया जाएगा कि संबंधित जमीन किसके नाम दर्ज है और उसके दस्तावेजों में कोई कमी, विवाद या अन्य विसंगति तो नहीं है। इससे जमीन खरीद शुरू करने से पहले रिकॉर्ड की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

पांच अतिरिक्त लेखपाल संभालेंगे सर्वे की जिम्मेदारी

सर्वे कार्य को अधिक गति देने के लिए पांच और लेखपालों को तैनात किया जा रहा है। अतिरिक्त कर्मचारियों के आने से अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों में सर्वे टीमों की संख्या बढ़ सकेगी।

लेखपाल जमीन के दस्तावेज, राजस्व अभिलेख, स्वामित्व और भूमि की मौजूदा स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसानों से बातचीत के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और रिकॉर्ड संबंधी मामलों को भी दर्ज किया जाएगा।

गांव में ही मिलेगी जमीन खरीद से जुड़ी जानकारी

प्राधिकरण की ओर से गांवों में कैंप लगाने का एक बड़ा उद्देश्य किसानों को सीधे उनके क्षेत्र में जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे उन्हें बार-बार प्राधिकरण कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।

कैंप में किसानों को जमीन खरीद की प्रक्रिया, संभावित मुआवजा, आबादी भूखंड और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े विषयों पर जानकारी देने की योजना है। किसान अपनी जमीन से संबंधित सवाल भी अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।

मुआवजे और आबादी भूखंड को लेकर व्यवस्था

नए नोएडा के विकास के लिए भूमि खरीद में किसानों को निर्धारित मुआवजा और आबादी भूखंड का लाभ देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार डीएनजीआईआर के पहले और दूसरे चरण में जमीन खरीद के साथ छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है। वहीं तीसरे और चौथे चरण में सात प्रतिशत आबादी भूखंड से संबंधित प्रावधान का उल्लेख है।

जमीन खरीद की आगे की प्रक्रिया सर्वे और रिकॉर्ड सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित किसानों के साथ आगे बढ़ाई जाएगी।

दस्तावेजों का सत्यापन होगा अहम

नए नोएडा की जमीन खरीद प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन होगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक भूमि स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट हो।

सर्वे के दौरान जमीन के कागजात में किसी प्रकार की कमी या अंतर सामने आने पर उसे रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। इससे आगे जमीन खरीद के समय विवाद और दस्तावेजी अड़चनों को कम करने में मदद मिल सकती है।

किसानों की भागीदारी पर रहेगा जोर

नए नोएडा की योजना में किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में जमीन खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले उन्हें प्रस्तावित व्यवस्था और मिलने वाले लाभों की जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है।

गांवों में लगाए जाने वाले कैंप किसानों और अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनेंगे। इससे किसानों को अपनी बात रखने और जमीन से जुड़े सवालों का समाधान हासिल करने का अवसर मिलेगा।

नए नोएडा की बसावट की दिशा में महत्वपूर्ण चरण

डीएनजीआईआर के रूप में विकसित किए जा रहे नए नोएडा को भविष्य के नियोजित शहरी और औद्योगिक विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में प्रस्तावित क्षेत्र की जमीन और उसके रिकॉर्ड की सही जानकारी जुटाना विकास प्रक्रिया की बुनियादी जरूरत है।

31 गांवों में कैंप लगाने और पांच अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती से अब सर्वे और रिकॉर्ड सत्यापन के काम में तेजी आने की संभावना है। सर्वे पूरा होने के बाद जमीन खरीद से जुड़ी अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

फिलहाल प्राधिकरण का फोकस भूमि रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने, किसानों की जानकारी जुटाने और जमीन खरीद की प्रक्रिया के लिए जरूरी आधार तैयार करने पर है। आने वाले समय में सर्वे की प्रगति और किसानों के साथ होने वाली प्रक्रिया से नए नोएडा की जमीन खरीद की दिशा और स्पष्ट होगी।

रिपोर्ट: News 360°

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Written by Kumar

ADMIN

Kumar is an experienced journalist covering breaking news, local infrastructure, technology, and civic developments in Noida and Greater Noida.

Comments (2)

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Aditya Singh1h ago

This is a great analysis. The new digital infrastructure will definitely boost the local economy and create thousands of jobs in the tech sector.

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Neha Patel30m ago

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Vikram Reddy2h ago

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