Latest

ग्रेटर नोएडा,डेल्टा-1 में गैस लाइन लीकेज से मची अफरा-तफरी, घंटों बाद भी नहीं हो सका समाधान

सेक्टर डेल्टा-1 में गैस लाइन लीकेज की घटना के बाद कई घंटों तक मरम्मत कार्य चलता रहा। आरडब्ल्यूए ने प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल समाधान की मांग की है।

Kumar

Kumar

SUPER_ADMIN

June 14, 2026
1 min read
0 views
ग्रेटर नोएडा,डेल्टा-1 में गैस लाइन लीकेज से मची अफरा-तफरी, घंटों बाद भी नहीं हो सका समाधान
Share

ग्रेटर नोएडा, 14 जून 2026
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-1 में गैस लाइन लीकेज की घटना सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार डेल्टा-1 के सी-ब्लॉक स्थित मकान संख्या 121 के पास गैस लाइन में लीकेज होने की सूचना मिलने के बाद संबंधित एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन काफी देर तक प्रयासों के बावजूद लीकेज को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका।

डेल्टा-1 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष श्री प्रमोद भाटी जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि गैस लाइन में लीकेज की समस्या कई घंटों से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संबंधित टीम मौके पर मौजूद है, लेकिन लंबे समय बाद भी रिसाव पूरी तरह नहीं रुक पाया है।

आरडब्ल्यूए की ओर से प्रशासन एवं संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। साथ ही क्षेत्र के निवासियों से सावधानी बरतने और प्रभावित स्थान से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैस रिसाव जैसी घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई बेहद आवश्यक है।

रिपोर्ट: News 360°

Images

ग्रेटर नोएडा,डेल्टा-1 में गैस लाइन लीकेज से मची अफरा-तफरी, घंटों बाद भी नहीं हो सका समाधान - Photo 1
Kumar

Written by Kumar

SUPER_ADMIN

Kumar is an experienced journalist covering breaking news, local infrastructure, technology, and civic developments in Noida and Greater Noida.

Comments (2)

U
A
Aditya Singh1h ago

This is a great analysis. The new digital infrastructure will definitely boost the local economy and create thousands of jobs in the tech sector.

N
Neha Patel31m ago

I agree, especially the focus on rural connectivity. It's a game changer.

V
Vikram Reddy2h ago

We need to see how quickly the implementation happens. Previous projects have faced significant delays.